
अहान्या वितांश का वो बेकाबू और तड़पता हुआ रूप देखकर मुस्कुरा दी। उसने हल्के से सिर हिलाया और बोली, "ओके जीजा जी, सिर्फ 5 मिनट! मैं बाहर ही खड़ी हूँ, वानू तुम 5 मिनट में आ जाना।"
ये कहकर अहान्या ने पीछे खड़ी मेनिका मामी को देखा, जो गुस्से और जलन में जलभूनकर राख हो रही थीं। अहान्या जबरदस्ती मेनिका का हाथ पकड़कर उन्हें कमरे से बाहर ले गई और दरवाज़ा आधा बंद कर दिया।








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