
वान्या वितांश की उस बेकाबू तड़प और खूँखार आँखों को देखकर एकदम से डर गई। उसका बदन खौफ से कांपने लगा। वान्या की आँखों में वही पुराना डर देखकर वितांश को भी तुरंत अहसास हुआ कि उसने क्या कह दिया था। उसने पल भर में खुद को संभाला और अपने चेहरे पर वही कड़वी, बेपरवाह मुस्कान लाते हुए बोला, "अरे डर क्यों रही हो चोकोबार? मैंने कब कहा कि सच में बोलो... एक्टिंग में ही कहना है। तुमने ही तो कहा था ना कि जो कहूँगा वो करोगी, तो बोलो ना!"
वान्या ने झटके से अपना मुंह पीछे किया और भारी आवाज़ में पलटकर बोली, "नहीं... मैं ये वर्ड एक्टिंग में भी नहीं कह सकती। आप मुझसे जो चाहे करवा लीजिए, पर मैं ये झूठ नहीं बोल सकती!"








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