
मीटिंग खत्म होने के बाद वितांश जब जिंदल हाउस वापस लौटा, तो उसका मूड बेहद खराब था। उसके चेहरे पर एक अलग ही लेवल का डार्क गुस्सा छाया हुआ था। उसकी लाल आँखें और माथे की तनी हुई नसें देखकर कोई भी बता सकता था कि आज का दिन उसके लिए कितना फ्रस्ट्रेटिंग रहा था।
वो हॉल में आते ही अपनी सूट की जैकेट उतारकर सोफे पर फेंक देता है। उसके चारों तरफ एक ऐसा डेंजरस और हैवी औरा था कि कोई उसके आसपास भी फटकने से डर रहा था।








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