
सनक वाइन रूम के ठंडे फर्श पर दीवार से टेक लगाए बैठा था। उसके चारों तरफ महँगी शराब की कई खाली बोतलें बिखरी पड़ी थीं। उसका ब्लैक शर्ट आगे से खुला हुआ था, पसीने से लथपथ सीना तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रहा था। हाथ पर बंधी पट्टी खून से पूरी तरह लाल हो चुकी थी, लेकिन उसे जिस्मानी दर्द महसूस ही नहीं हो रहा था। उसके दिमाग में बार-बार अवि की वही ज़हरीली बातें चाबुक की तरह पड़ रही थीं—"क्या जानना है आपको? कि सिर्फ आपने ही नोचा है या उन्होंने भी?" और उसके बाद बेड पर बैठकर अवि का गुस्से में अपने कपड़े उतारने का वो खौफनाक मंज़र...
"नो... नो... नो!" सनक ने चीखते हुए सीधे बोतल से शराब का एक बड़ा घूँट अपने गले में उड़ेला।








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