
शर्त मनवाने के बाद मेनिका का खेल अभी खत्म नहीं हुआ था। उसने सतीश को पूरी तरह अपना गुलाम बनाने के लिए अपने हुस्न का सबसे ख़तरनाक पैंतरा आज़माया। उसने एक ही झटके में पूरे ब्लैंकेट को खींचकर बेड से नीचे फेंक दिया।
अब मेनिका का पूरा गोरा, छरहरा और न्यूड जिस्म सतीश की भूखी आँखों के सामने पूरी तरह बेपर्दा था।








Write a comment ...