
वितांश का पागलपन पीछे से किए गए वार से शांत नहीं हुआ था। उसे वान्या का वो खूबसूरत, आंसुओं से भीगा चेहरा देखना था। उसने वान्या की पतली कमर को पकड़ा और एक ही झटके में उसे सीधा घुमाकर अपने सामने कर लिया। वान्या पूरी तरह निढाल हो चुकी थी, पर वितांश की आँखों में अब भी वही बेकाबू दीवानगी थी।
वो उसने बिना एक सेकंड गंवाए वान्या की दोनों जांघों को अपने कंधों पर टिकाया और एक गहरे, सीधे स्ट्रोक के साथ खुद को वान्या की उस बेहद गरम और भीगी हुई किटी (kitty) के अंदर पूरी तरह इंसर्ट (enter) कर दिया। वान्या के मुंह से एक दबी हुई सिसकारी निकली और उसने वितांश के मजबूत कंधों को कसकर पकड़ लिया।








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