
गेस्ट रूम के अंदर का नजारा बाहर की दुनिया से बिल्कुल अलग था। वहाँ कोई साजिश नहीं, बल्कि अपने बच्चे को बचाने की एक बाप की तड़प छिपी थी। मिस्टर श्रीवास्तव ने खिड़की के पर्दे गिराए और मिस्टर जिंदल के पास आकर बहुत ही इमोशनल टोन में फुसफुसा कर कहा ,
"सर, इसलिए... बिल्कुल इसीलिए मैंने वान्या को आपके कहने पर वो वाला कॉन्ट्रैक्ट दिया था। हमारा मकसद सिर्फ एक था ,वान्या को वितांश की ज़िंदगी में लाना ताकि वितांश उसके प्यार में इस कदर फंस जाए कि नफरत का रास्ता छोड़ दे। हम वितांश को बर्बाद नहीं, बल्कि उसे उस अंधेरे से बचाना चाहते हैं जिसमें वो खुद को 'सुप्रीम' बनाकर झोंक चुका है। हमारा ये कदम आज काम आ रहा है, वितांश को बचाने के लिए हमारा यहाँ होना बहुत ज़रूरी था।"








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