
रिशिमा की उखड़ती सांसों और उसकी तड़प का अहसास जब युवराज के मदहोश होते दिमाग को हुआ तो उसे लगा कि वो सचमुच पागलपन की हदें पार कर रहा है। पेनकिलर के नशे में चूर होने के बावजूद उसका जमीर जाग उठा। उसने झटके से अपने होंठ रिशिमा के मुंह से हटाए और उसे थोड़ी ढील दी।
युवराज ने रिशिमा को छोड़ा नहीं बल्कि उसके माथे से अपना माथा टिका दिया। दोनों की गर्म और भारी सांसें एक दूसरे के चेहरों पर टकरा रही थीं। युवराज लंबी लंबी सांसें लेते हुए खुद को संभालने की नाकाम कोशिश करने लगा। उसकी आंखें अभी भी बंद थीं और आवाज में एक अजीब सा ठहराव आ गया था।








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