
आकर्ष ने बस हल्के से हलवा टेस्ट किया था, उसे टेस्टी तो लगा था, लेकिन इस वक्त उसके सामने जो थी, उसकी बीवी उससे कहीं ज्यादा टेस्टी थी। उसे अपना टेस्ट पूरा करना था। उसके हाथ विती के बालों से रगड़ते हुए उसकी गर्दन पर आ गए और वह उसके ब्लाउज की डोरी को खोलते हुए उसके सीने को दबा रहा था। जैसे ही उसके हाथ विती के ब्लाउज के अंदर गए, तो विती की आंखें बंद हो गई। आकर्ष ने मदहोश होते हुए उसकी गर्दन पर गहरी सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे कहा, "पूरे उतार कर क्यों नहीं रख सकते हो मेरे सामने, मैं तुम्हें बिना कपड़ों के देखना चाहता हूं।" यह सुनते ही विती की आंखें और कसकर बंद हो गई। उसने अपनी आंखें जोर से बंद कर ली, क्योंकि आकर्ष से ऐसी गंदी बातों की उम्मीद नहीं थी, पर आज वह इतनी गंदी बातें कर रहा था उससे।








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