
अहान्या की आँखों में आँसू आ गए थे, उसका पूरा चेहरा दर्द से भर गया था। वहीं पर वान्या ने अहान्या का हाथ कसकर पकड़ लिया था क्योंकि दोनों के सामने उनकी छोटी सी, प्यारी सी बहन खड़ी थी। उसके बाल बिखरे हुए थे, आँखों में डर और दर्द दोनों था। वो बहुत प्यार से अपनी दोनों बड़ी बहनों को देख रही थी।
और मेंनिका के साथ-साथ सतीश, दोनों की आँखें फटी की फटी रह गई थीं। आखिरकार इतनी आसानी से तन्या का यहाँ तक पहुँचना आसान नहीं था। वो ऐसे कैसे पहुँच सकती थी?








Write a comment ...