
वितांश उसकी विदाई तक का इंतजार नहीं कर सकता था। वितांश इतना ज्यादा हार्ड हो गया था कि अगर कोई भी उसे देखता तो उसकी हवस को साफ साफ समझ सकता था। लेकिन वान्या, वो तो वैसे ही नजर झुकाए सब कुछ खोकर खड़ी थी, जैसे उसकी जिंदगी पूरी खत्म हो चुकी है।
क्योंकि वितांश से शादी करना उसका सपना ही नहीं था। उसने तो ये सोच लिया था कि अगर वह दुनिया का आखिरी इंसान होगा, तो भी वो उससे कभी शादी नहीं करेगी। उसकी नफरत हर दिन पर बढ़ती गई थी और आज शायद 2 गुना हो गई थी। लेकिन जो मांग में इस वक्त वितांश के नाम का सिंदूर पड़ा हुआ था, वो उसे तो झुठला नहीं सकती थी।








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